गॅलिलिओ गॅलिली की जीवनी व इतिहास। Galileo Galilei Biography in Hindi

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दूरबीन का आविष्कार करनेवाले महान वैज्ञानिक Galileo Galilei, जिन्हे प्रयोगात्मक विज्ञान का जनक माना जाता है। जिन्होंने प्रकाश कि गति को नापने का साहस किया था। गति संबधी नियमों का आविष्कार किया था।

गॅलिलिओ गॅलिली, उस समय यूरोप में खगोल विज्ञान, दर्शनशास्त्र, भौतिकी, और गणित क्षेत्र मे वैज्ञानिक क्रांति करने वाले महान वैज्ञानिक थे। उस समय, यूरोप में धार्मिकता का एक उच्च स्तर था।

धर्म कि मान्यताओं के विरुद्ध जाने का कोई साहस नहीं करता था। इसलिए Galileo Galilei को मरते दम तक कारावास भुगतना पडा था। जिन्हे अपने प्रयोगात्मक सिद्धांत और आविष्कार के लिए अपने प्राणों का बलिदान देना पडा।

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गॅलिलिओ गॅलिली की जीवनी व इतिहास। Galileo Galilei Biography

जन्म – 15 फरवरी, 1564

जन्मस्थान – पिसा, इटली

मृत्यु – 8 जनवरी, 1642  

पिता – विसेंजियों गॅलिली

माता – जूलिया

बचपन और शिक्षा

गॅलिलिओ गॅलिली का जन्म एक साधारण परिवार मे हुआ था। उस समय पिसा इटली का एक छोटासा शहर माना जाता था। अपने पिता के सात संतानों मे से सबसे बडे Galileo Galilei थे।

उनके पिता संगीतज्ञ थे। उनके पिता विसेंजियों गॅलिली ने ल्यूट नामक वाद्य यंत्र बजाते हुए तार के तनाव से निकलने वाले स्वरों का गहनता से अध्ययन किया था।

गॅलिलिओ गॅलिली का बचपन कलात्मक और साहित्यिक वातावरण मे गुजरा था। चित्रकारी मे भी वे बहुत कुशल थे। अपने पिता से मिली संगीत की कला मे भी वे माहिर थे। उन्होने अपनी शिक्षा फ्लोरेंस शहर मे पूरी की थी।

चिकित्सा विज्ञान क्षेत्र मे रुचि न होने के बावजूद भी उन्होने अपनी पढाई चिकित्सा विज्ञान क्षेत्र मे जारी रखी। आर्थिक स्थिति कमजोर हो जाने पर भी उन्होने अपनी पढाई जारी रखी थी। अपने बचपन से ही Galileo Galilei बुद्धिमान थे। वे एक कुशल गणितज्ञ और भौतिकविद थे।

वैज्ञानिक जीवन –

गॅलिलिओ गॅलिली ने हॉलैंड मे अविष्कृत हुये दूरबीन मे सुधार करके उसे और अधिक शक्तिशाली बनाया था। दूरबीन बनाने के बाद उन्होने रात मे आकाश का निरीक्षण करना शुरू कर दिया था। दूरबीन कि सहायता से रात मे उन्होने दूरस्थ खगोलीय ग्रहों का और उनकी गति का गहनता से अध्ययन किया था।

दूरबीन कि सहायता से उन्होने लंबे समय तक ब्रहस्पति गृह का अध्ययन किया और उसके चार चंद्रमाओं को खोज निकाला था। सूर्य पर पडने वाले काले धब्बों, शुक्र ग्रह कि कलाओं का गहनता से निरीक्षण किया था। उन्होने अपने निरीक्षण से यह सिद्ध किया था कि पृथ्वी के चंद्रमा पे दरारे और गडे है।

उन्होने खगोल विज्ञान क्षेत्र मे अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनका यह मानना था कि ब्रह्मांड मे पृथ्वी के साथ सभी ग्रह सूर्य कि परिक्रमा करते है। उस समय यह सिद्धांत प्रचलित था कि ब्रह्मांड के केंद्र मे पृथ्वी स्थित है, तथा सूर्य, चंद्र और सभी ग्रह पृथ्वी कि परिक्रमा करते है।

गॅलिलिओ गॅलिली से पहले निकोलस कोपरकस का भी यही मानना था कि ब्रह्मांड मे पृथ्वी के साथ सभी ग्रह सूर्य कि परिक्रमा करते है। वे निकोलस कोपरकस के विचारों को सार्वजनिक रूप से समर्थन करने लगे थे।

Galileo Galilei धार्मिक प्रवृत्ति के होते हुये भी अपने वैज्ञानिक प्रयोगों के परिणामों को ही सही मानते थे, और अपने प्रयोगों के प्राप्त परिणामों के माध्यम से, प्रचलित धार्मिक सिद्धांतों को सिद्ध करना चाहते थे। अपने वैज्ञानिक प्रयोगों के प्राप्त परिणामों के आधारपर, उन्होंने प्रचलित धार्मिक सिद्धांतों के खिलाफ खड़े होने का साहस किया था।

जब उन्होने अपने वैज्ञानिक विचार, सिद्धांत सार्वजनिक किए तब चर्च कि ओर से उन्हे सबके सामने अपने वैज्ञानिक विचार, सिद्धांत झूठे साबित करके माफी मांगने का आदेश दे दिया गया था। उन्होने चर्च के सभी नियमों का पालन किया, फिर भी उन्हे गृह-कैद कारावास मे डाल दिया गया था। यह एक ऐसी सजा थी जिसमे उन्हे अपने ही घर मे कैद मे रखा गया था।

8 जनवरी, 1642 मे गृह-कैद कारावास मे ही उनकी मृत्यु हो गयी।

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